Posts

पास होने का अहसास क्यों है ?

Image
दूर जो हो तुम इतना फिर ये पास होने का अहसास क्यों है पास हो जो हर पल फिर ए नज़रों से उझल होने का आभास क्यों है हर एक बात से वाकिफ है ए दिल मेरा फिर इतने सवालात क्यों हैं एक बार ही सही जवाब तो दे दो मेरी अनकही बातों का दे सको तो दे दो हिस्साब उन अधूरी मुलाकातों का अकेली सिसकती सहमी सी अँधेरी काली काली रातों का काटा है जो वक़्त तेरी यादों के सहारे अब तक उन पलो में बीती मेरी हर एक मुश्किल साँसों का न रख सका हिसाब मेरा तो ए दिल इन सब बातों का मशरूफियत थी इंतनी इस दिल की न रहा होश इसे हर एक बीतती धडकन पे इसे हो रही थी जो मोह्हबात तुझसे

प्यार का इम्तिहान....

Image
पतझर में झड पेड़ों पे पत्ते नए आते हैं फिर क्यों इस जिंदगी से जो दूर चले जाते हैं वो कभी लौट कर वापस नहीं आते हैं इस दिल से उनकी यादें मिटाए नहीं मिटती हैं दिन तो बीत जाता है पर रातें काटे नहीं कटती हैं रात की तन्हाई और ख़ामोशी चुभती है जहन में बस हर पल एक ही ख्याल होता है हर आहट पे बस उनके आने का इंतज़ार होता है शायद यही तो प्यार का इम्तिहान होता है

अश्कों का हकदार ...

Image
दर्द -ए-तन्हाई का एहसास तब होता है जब कोई दिल के हर पल पास होता है दर्द -ए- जुदाई लफ़्ज़ों में बयां नहीं होती आँखों में झलकता हर पल ये अहसास होता है प्यार की दुनिया का तो दस्तूर है यही प्यार करने वाला सिर्फ अश्कों का हकदार होता है

नसीब में सिर्फ तन्हाई है ......

Image
दूर होकर भी वो हमसे क्या खूब मोहब्बत करते हैं चोट लगे यहाँ की अश्क उन आँखों से बहते हैं खुश जो हों हम तो खुशियों की महफ़िल वो सजा लेते हैं साथ जो मांगे हम उनका वो मुस्कुरा कर मुकर जाते हैं कहूँ इसे वफ़ा उनकी या ये उनकी बेवफाई है , की हर पल साथ वो मेरे फिर भी नसीब में सिर्फ तन्हाई है

जो भी हूँ तुमसे हूँ...

Image
जो भी हूँ आज मैं वो तुमसे हूँ मैंने तो न की थी कदर अपने साए की भी न जाना था कभी है रूप लाजवाब मेरा जब तक न देखा था तेरी निगाहों में अक्स अपना समझा था खुद को पत्थर का एक टुकड़ा जब तक तेरी तेज किरणों न मुझे छुआ न था जिंदगी भर न भरने वाले जख्म भी तेरे होने से देते हर पल का सुकून हैं आज लोग जो कहते थे पत्थर समझते हैं हीरा मुझे पर इस हीरे को कभी तराशा था तुमने हीरा जान कर तू जो साथ था हो गयी जीत मेरी इस कभी न हारने वाली जिंदगी से जशन मानाने आज वजह है लाखों पर क्यों तू हर पल मेरे साथ नहीं

आब-ओ-गिल ......

Image
कहाँ कहाँ न खोजा अपना वजूद आब - ओ - गिल में भी अपनापन न मिला तदबीरे सारी नाकाम रहीं एक पल को न कहीं सुकून मिला चैन - ओ - आराम सब छीन गया हल लम्हा बस तन्हाई ने था साथ दिया भटकते रहे दर बदर तेरे आने तक जाना वजूद का सबब तेरी निगाहों में बिन मन्जिल जिंदगी का सफ़र तय कर आज आ पहुंचें हैं तेरे आसियाने में क्या रखा है कुछ खोने और पाने में मेरी तो जिंदगी है बस तेरे मुस्कुराने में

मुझे ये एहसास दिलाया..

Image
चल रहे थे तेरा हाँथ थाम साथ तेरे हंसी थी वादियाँ सुहाना था समां तेरी नजरों में दिख रहे थे दोनों जहाँ मुस्कान पे तेरी मर मिटने को   दिल चाह रहा था प्यार से तुने मुझे गले लगाया कभी न होंगे जुदा ये यकीं दिलाया जी रहे थे इस पल को ख्वाब में मेरी भीगी पलकों ने   मुझे ये एहसास दिलाया