तुम मेरे पास हो ....


तन्हाई मैं भी तुम मेरे पास हो
भीड़ में भी एक ख्याल बन आस पास हो
जब भी गुजरें हम उन गलियों से
आज भी तुम वहाँ करते हमारा इंतज़ार हो
ठहरा है आज भी हर एक पल वहां
जैसे जिंदगी बाँध ली वक़्त ने संग अपने 
मैं जिंदगी के साथ आगे बढ़ तो गयी
पर साँसें जैसे उन्ही पलों में थम के रह गयीं
तुम ही बताओ की क्या कहूं मैं
कि किस दौर मैं जी रही हूँ
कहने को तो जिन्दा ही हूँ पर
धडकनों मैं कोई जज़्बात नहीं है
अब तुम ही बताओ कैसे कहूं मैं
की मुझे तुमसे प्यार नहीं है

Comments

  1. Beautiful feelings beautifully expressed by a beautiful hearted sis :)

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