यही मेरी श्रधांजलि ...

आपसे मेरा नाता पुराना था

कुछ जाना पहचाना था

न रही आप अब हमारे बीच

इस कमी का हम सबको अहसास है

खोया है आज वो पेड पुराना

जिसमें अब सिर्फ यादें साथ हैं

रह गयीं हैं सिर्फ उसकी अधूरी शाखें

परमात्मा में विलीन आपकी आत्मा हो

मिले आपके मन को सुख शांती

अश्रुओं के फूल समर्पित आपको

यही मेरी श्रधांजलि


मेरी दादी माँ को समर्पित उनकी कमी हमेशा हमारे बीच रहेगी

0 comments:

Post a Comment

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
 

गर्द-ए-रहगुज़र © 2010

Blogger Templates by Splashy Templates